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आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज |
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Tuesday, 01 September 2009 18:48 |
श्रमण संस्कृति उन्नायक आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज | पूर्व नाम | : | श्री विद्याधरजी | पिता श्री | : | श्री मल्लप्पाजी अष्टगे (मुनिश्री मल्लिसागरजी) | माता श्री | : | श्रीमती श्रीमंतीजी (आर्यिकाश्री समयमतिजी) | भाई/बहन | : | चार भाई, दो बहन | जन्म स्थान | : | चिक्कोड़ी (ग्राम-सदलगा के पास), बेलगाँव (कर्नाटक) | जन्म तिथि | : | आश्विन शुक्ल पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) वि.सं. २००३, १०-१०-१९४६, गुरुवार, रात्रि में १२:३० बजे | जन्म नक्षत्र | : | उत्तरा भाद्र | शिक्षा | : | ९वीं मैट्रिक (कन्नड़ भाषा में) | ब्रह्मचर्य व्रत | : | श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, चूलगिरि (खानियाजी), जयपुर (राजस्थान) | प्रतिमा | : | सात (आचार्यश्री देशभूषणजी महाराज से) | स्थल | : | १९६६ में श्रवण बेलगोला, हासन (कर्नाटक) | मुनि दीक्षा स्थल | : | अजमेर (राजस्थान) | मुनि दीक्षा तिथि | : | आषाढ़, शुक्ल पंचमी वि.सं., २०२५, ३०-०६-१९६८, रविवार | आचार्य पद तिथि | : | मार्गशीर्ष कृष्ण द्वितीया-वि.सं. २०२९, दिनांक २२-११-१९७२, बुधवार | आचार्य पद स्थल | : | नसीराबाद (राजस्थान) में, आचार्यश्री ज्ञानसागरजी ने अपना आचार्य पद प्रदान किया। | मातृभाषा | : | कन्नड़ | | |
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Last Updated on Tuesday, 01 September 2009 18:56 |